Shashi Tharoor Reviews Dhurandhar: शशि थरूर ने ‘धुरंधर’ के दोनों पार्ट देखे, फिल्म को बताया प्रोपेगेंडा, बोले- इतने घिनौने सीन्स की जरूरत नहीं थी

Shashi Tharoor Reviews Dhurandhar: शशि थरूर ने ‘धुरंधर’ के दोनों पार्ट देखे, फिल्म को बताया प्रोपेगेंडा, बोले- इतने घिनौने सीन्स की जरूरत नहीं थी

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 'धुरंधर 2' की रिलीज़ के कई महीने के बाद इसके दोनों पार्ट देखे हैं. उन्होंने कई लोगों के साथ ये फिल्म देखी और अपना रिव्यू भी यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है.

Shashi Tharoor Reviews Dhurandhar: कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और अपने बेबाक अंग्रेज़ी बयानों के लिए जाने जाने वाले शशि थरूर ने एक्टर रणवीर सिंह की बहुचर्चित स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का एक लंबा रिव्यू किया है. फिल्म के मेकिंग और एक्टिंग की तारीफ करने के साथ-साथ थरूर ने इसके राजनीतिक प्रोपेगेंडा, खौफनाक हिंसा और भारत-पाकिस्तान के चित्रण पर बेहद तीखे और गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगभग सात मिनट के एक वीडियो में शशि थरूर ने फिल्म की कमियों पर खुलकर बात की. उन्होंने फिल्म के एक्शन और हिंसक दृश्यों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “ऐसी चीजें जो मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आईं, इसमें बहुत ज्यादा हिंसा है. ये पूरी तरह से ओवर द टॉप थी. इतनी अधिक हिंसा, खून-खराबा, क्रूरता और भारतीय सिनेमा के इतिहास के कुछ सबसे ज्यादा डिसगस्टिंग सीन्स (घिनौने सीन) दिखाने की कोई जरूरत नहीं थी.”

प्रोपेगेंडा और खाड़ी देशों में बैन का मुद्दा

थरूर ने फिल्म के राजनीतिक एजेंडे और प्रोपेगेंडा पर भी सीधी बात की है. उन्होंने कहा कि फिल्म के भीतर एक स्पष्ट राजनीतिक प्रोपेगेंडा बुना गया है. उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि ये फिल्म न केवल पाकिस्तान, बल्कि कई खाड़ी (गल्फ) देशों में भी बैन की गई क्योंकि वहां की सरकारों का मानना है कि ये फिल्म भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच बेवजह कटुता और नफरत पैदा करती है. थरूर ने कहा कि वह इन देशों की भावनाओं को पूरी तरह समझ सकते हैं.

पाकिस्तानी दर्शकों पर इस फिल्म के असर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ डायलॉग्स पर शायद वो हसेंगे, लेकिन कई अन्य सीक्वेंस उन्हें यह सोचने पर मजबूर करेंगे कि उनके देश के नाम पर अतीत में कितने गलत काम किए गए हैं. हालांकि, इन सब आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने ये भी माना कि मार्च 2026 में रिलीज हुई ‘धुरंधर: द रिवेंज‘ अपने पहले पार्ट के मुकाबले एक बेहतर फिक्शन एंटरटेनमेंट थी.

यहां देखें शशि थरूर का वीडियो…

रियल इंटेलिजेंस बनाम फिल्मी दुनिया

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए शशि थरूर ने फिल्म की फिक्शन की दुनिया और वास्तविक खुफिया एजेंसियों की कार्यशैली के बीच का फर्क भी बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने असल जिंदगी में कई इंटेलिजेंस अधिकारियों के साथ बहुत ही सभ्य तरीके से काम किया है, जहां विश्लेषण और सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है. लेकिन फिल्मों की तरह दूर-दराज की राजधानियों में बम धमाके करवाने जैसे ‘क्लॉक एंड डैगर’ वाले ड्रामे से उनका कभी पाला नहीं पड़ा. फिल्म में आर. माधवन के किरदार ‘अजय सान्याल’ (जो कथित तौर पर एनएसए अजीत डोभाल से प्रेरित है) के काम को उन्होंने पूरी तरह से एक ड्रामैटिक लिबर्टी करार दिया है. निर्देशक आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं.

सोनाली नाईक
सोनाली नाईक

सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.

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