“पहले फॉलोअर्स लाओ, तभी काम मिलेगा”… दिव्या दत्ता ने बताया Bollywood का कड़वा सच
Divya Dutta: दिव्या दत्ता ने हाल ही में बॉलीवुड में बदलते दौर पर खुलकर बात की. एक्ट्रेस ने शेयर किया कि आज के वक्त में सिर्फ टैलेंट काफी नहीं है, बल्कि काम पाने के लिए सोशल मीडिया फॉलोअर्स काफी ज्यादा मायने रखते हैं. उन्होंने इसे नए कलाकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया.
Divya Dutta on Bollywood: बॉलीवुड की टैलेंटेड एक्ट्रेसेस में से एक दिव्या दत्ता अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं. दिव्या दत्ता ने भाग मिल्खा भाग, वीर-जारा और दिल्ली-6 जैसी फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से अपनी पहचान बनाई है. हाल ही में दिव्या दत्ता शो ‘चिरैया’ में नजर आईं. एक्ट्रेस ने एक हालिया बातचीत में सोशल मीडिया के जमाने में एक्टर्स के सामने आने वाली नई चुनौतियों, कैरेक्टर पर बेस्ड कहानियों पर स्टार सिस्टम के असर पर खुलकर बात की. इस दौरान एक्ट्रेस ने बताया कि कैसे आजकल के वक्त में सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि सोशल मीडिया फॉलोअर्स भी बहुत मायने रखते हैं.
तीन दशकों से ज्यादा वक्त से इंडस्ट्री में काम कर रहीं दिव्या का मानना है कि आज के एक्टर्स के लिए सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर कल्चर का बढ़ना एक नई चुनौती है. दिव्या दत्ता ने शेयर किया कि जब उन्होंने एक्टिंग की शुरुआत की थी, तब उन्हें कहीं ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, क्योंकि तब ऑपर्च्युनिटी और मीडियम काफी कम थे.
दिव्या दत्ता ने बताया कड़वा सच
दिव्या दत्ता ने कहा, “लोग असल में पलों को जीने के बजाय उन्हें रिकॉर्ड करने पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं. उस वक्त काम मिलना काफी मुश्किल था और कलाकारों से कहा जाता था कि पहले फॉलोअर्स लाओ, फिर तुम्हें काम मिलेगा. लेकिन आज के वक्त में काम मिलना काफी आसान हो गया है. आजकल आप अपने लिए एक रील बना सकते हैं और अचानक स्टार बन सकते हैं. प्रोड्यूसर आप पर ध्यान देते हैं और कहते हैं, ‘ठीक है, इस शख्स को लेते हैं.’ इस लिहाज से, ये प्रोसेस आसान हो गया है.”
फाइनेंशियल सिक्योरिटी पर दिव्या दत्ता
फाइनेंशियल सिक्योरिटी के बारे में बात करते हुए दिव्या दत्ता कहती हैं कि वो दूसरों के बारे में तो कुछ नहीं कह सकतीं, लेकिन खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि उन्हें ऐसी मां मिलीं जिन्होंने उन्हें मजबूत बेस दिया. एक्ट्रेस ने कहती हैं, “उन्होंने मुझसे कहा, ‘ये घर ले लो, ये कार ले लो, ये तुम्हारा ध्यान रखेंगे. अब जाओ और वही करो जो तुम सच में करना चाहती हो.’ मेरी मां ने मुझे वो सिक्योरिटी का एहसास दिलाया. मुझे लगता है कि फाइनेंशियल सिक्योरिटी बहुत जरूरी है.”




