रामानंद सागर की ‘रामायण’ में अयोध्या, लंका और मिथिला था गुजरात का ये शहर
रामानंद सागर के मशहूर सीरियल 'रामायण' की शूटिंग जहां हुई थी, वो गुजरात का एक तटीय शहर है, जिसे 'उमरगाम' कहा जाता है. इस जगह पर कई और ऐतिहासिक शोज का शूट भी हुआ है. जान लेते हैं इस जगह के बारे में
रामानंद सागर की ‘रामायण’ ने अयोध्या, लंका और मिथिला को हर भारतीय घर तक पहुंचाया था, लेकिन आपको शायद ही पता होगा कि जो कुछ हमने स्क्रीन पर देखा, उसका एक बड़ा हिस्सा गुजरात के एक छोटे से तटीय शहर में फिल्माया गया था. इसे उमरगाम, या उमबरगांव भी कहते हैं. 1987 की इस टीवी सीरीज का मुख्य शूटिंग बेस था. आज यह शहर अपने खूबसूरत समुद्र तटों और फिल्म उद्योग के लिए जाना जाता है, जिससे यह शो के फैंस के लिए एक दिलचस्प जगह बन गया है.
रामायण से लेकर कई शोज की शूटिंग वाली गुजरात की सिटी उमरगाम पर्यटकों के बीच भी काफी पॉपुलर है. यहां पर दूर तक फैले बीच, समुद्र के शानदार नजारों से लेकर स्ट्रीट फूड्स तक का लुत्फ ले सकते हैं. आप अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में इस जगह को शामिल जरूर करें. चलिए जान लेते हैं यहां कैसे पहुंचे और क्या है खास.
रामायण की शूटिंग का केंद्र
‘रामायण’ के ज़्यादातर इंडोर और आउटडोर सीन गुजरात के वलसाड जिले में, महाराष्ट्र की सीमा के पास, उमरगाम के वृंदावन स्टूडियो में शूट हुए थे. प्रोडक्शन टीम ने अयोध्या, लंका, मिथिला और किष्किंधा के लिए बड़े सेट बनाए थे. इन सेटों ने कहानी के प्राचीन शहरों को जीवंत कर दिया, जिससे प्रोडक्शन को हर राज्य के लिए अलग-अलग जगहों पर नहीं जाना पड़ा.
यह सीरीज उस समय के सबसे महंगे टीवी प्रोडक्शंस में से एक मानी जाती थी. बताया जाता है कि हर एपिसोड का बजट 9 लाख रुपये था.
कई शोज की हुई शूटिंग
‘रामायण’ ही नहीं, उमरगाम में और भी कई टीवी प्रोडक्शंस की शूटिंग हुई है. यह शहर ‘महाभारत’, ‘शनि’, ‘रजिया सुल्तान’, ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ और ‘पोरस’ जैसे पौराणिक और ऐतिहासिक टीवी शोज से भी जुड़ा रहा है.
पर्यटन के लिए भी खास
उमरगाम का नाम भले ही पौराणिक शोज से जुड़ा हो, लेकिन यह इसकी पहचान का सिर्फ एक पहलू है. यहां के समुद्र तट, स्ट्रीट फूड और पास के धार्मिक स्थल इसे एक छोटे तटीय ब्रेक के लिए शानदार जगह बनाते हैं.
उमरगाम बीच, जिसे उमबरगांव बीच भी कहते हैं, यहां के मुख्य आकर्षणों में से एक है. यह अपनी रेतीली तटरेखा, सूर्यास्त, लाइटहाउस और फिशिंग हार्बर के लिए मशहूर है. ‘रामायण’ के फैंस के लिए तो वे समुद्र तट और भी खास हैं, जिनका इस्तेमाल शो के कुछ समुद्री दृश्यों के लिए किया गया था.
बीच पर लें स्ट्रीट फूड का स्वाद
समुद्र के शानदार नज़ारों के अलावा, इस बीच पर आपको भेलपूरी, पानीपूरी, सेवपूरी और वड़ा पाव जैसे स्नैक्स का स्वाद चखने का मौका भी मिलेगा. आसपास मल्लिनाथ जैन तीर्थ, कलगाम हनुमान मंदिर, अकरा मारुति मंदिर और झील, और मैत्री पार्क जैसे कई धार्मिक और मनोरंजक स्थल भी हैं. अगर आप यहां पूरा दिन बिता रहे हैं, तो ये जगहें बीच से हटकर एक अच्छा विकल्प देती हैं.
कैसे पहुंचें उमरगाम?
उमरगाम गुजरात के वलसाड जिले में है, महाराष्ट्र सीमा के करीब और मुंबई से सड़क मार्ग से करीब 150 किलोमीटर दूर है. अगर आप सड़क से आ रहे हैं, तो मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा एक विकल्प है, जिसके बाद सड़क यात्रा करनी होगी.
उमरगाम रोड रेलवे स्टेशन शहर की सेवा करता है, जिससे ट्रेन यात्रा सबसे सुविधाजनक विकल्पों में से एक बन जाती है. एक या दो दिन की यात्रा में आप मुख्य बीच देख पाएंगे, स्थानीय स्ट्रीट फूड का स्वाद ले पाएंगे और कुछ आस पास के आकर्षणों का दौरा कर पाएंगे. रामानंद सागर की ‘रामायण’ देखने वालों के लिए, उमरगाम सीरीज से एक सीधा जुड़ाव प्रदान करता है.
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